fd kya hai uski puri jankari hindi me

FD kya hai uski puri jankari hindi me

FD क्या है

 

FD या Fixed Deposit बैंक और वित्तीय संस्थानों द्वारा दी जाने वाली एक लोकप्रिय निवेश योजना है। इसे हिंदी में स्थायी जमा कहा जाता है। इस स्कीम में निवेशक एक निश्चित समय के लिए एक निश्चित राशि जमा करता है और उस पर तय ब्याज दर प्राप्त करता है। FD को सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है क्योंकि इसमें मार्केट रिस्क नहीं होता और ब्याज दर पहले से तय होती है।

आज के समय में हर कोई अपने पैसों को सुरक्षित और लाभदायक तरीके से निवेश करना चाहता है। ऐसे में FD (Fixed Deposit) एक बेहतरीन विकल्प है। इस आर्टिकल में हम जानेंगे FD क्या है, इसके प्रकार, फायदे, ब्याज दरें, टैक्स नियम, और FD में निवेश करने का सही तरीका।

 

FD (Fixed Deposit) कैसे काम करता है?

जब आप FD खोलते हैं, तो आप बैंक या वित्तीय संस्था में एक निश्चित अवधि (जैसे 7 दिन, 3 महीने, 1 साल या 5 साल) के लिए राशि जमा करते हैं। इस अवधि के दौरान बैंक आपकी राशि पर फिक्स्ड रेट ऑफ इंटरेस्ट देता है।

FD पर ब्याज दर सामान्य बचत खाते से अधिक होती है। मैच्योरिटी अवधि पूरी होने पर आपको मूलधन + ब्याज वापस मिल जाता है।

 

FD की मुख्य विशेषताएँ (Features of FD)

 

1. सुरक्षित निवेश विकल्प: FD मार्केट के उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं होता।

2. फिक्स्ड ब्याज दर: ब्याज दर पूरी अवधि के लिए तय रहती है।

3. लचीली अवधि: 7 दिन से लेकर 10 साल तक FD खोली जा सकती है।

4. लोन सुविधा: FD के बदले आप बैंक से लोन भी ले सकते हैं।

5. प्रीमैच्योर विथड्रॉल: जरूरत पड़ने पर आप मैच्योरिटी से पहले भी FD तोड़ सकते हैं (कुछ पेनल्टी के साथ)।

6. टैक्स सेविंग विकल्प: 5 साल की टैक्स-सेविंग FD पर आयकर में छूट मिलती है (धारा 80C के तहत)।

FD के प्रकार (Types of FD in Hindi)

 

1. रेगुलर फिक्स्ड डिपॉजिट (Regular FD):

आम तौर पर बैंक द्वारा दी जाने वाली सामान्य FD योजना।

अवधि 7 दिन से 10 साल तक हो सकती है।

2. टैक्स-सेविंग FD (Tax Saving FD):

5 साल के लिए फिक्स्ड।

धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक टैक्स छूट।

प्रीमैच्योर विदड्रॉल नहीं कर सकते।

3. रिकरिंग डिपॉजिट FD (RD):

हर महीने छोटी-छोटी किस्तों में निवेश।

मैच्योरिटी पर ब्याज सहित राशि मिलती है।

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4. सीनियर सिटिजन FD (Senior Citizen FD):

60+ उम्र के लोगों के लिए।

सामान्य दर से 0.25% से 0.50% तक अधिक ब्याज।

5. फ्लेक्सी FD (Flexi FD):

बचत खाते से जुड़ी FD।

जरूरत पड़ने पर ऑटोमेटिक ब्रेक और रिफिल।

 

FD के फायदे (Benefits of FD)

 

गारंटीड रिटर्न: FD में रिटर्न फिक्स्ड होते हैं।

कम रिस्क: शेयर मार्केट के उतार-चढ़ाव का असर नहीं पड़ता।

लोन सुविधा: आप FD के बदले 70%–90% तक लोन ले सकते हैं।

लिक्विडिटी: जरूरत पड़ने पर FD तोड़ सकते हैं।

सीनियर सिटिजन के लिए बेहतर विकल्प: अधिक ब्याज दर।

FD के नुकसान (Disadvantages of FD)

ब्याज दर महंगाई दर से कम हो सकती है।

प्रीमैच्योर तोड़ने पर पेनल्टी लगती है।

ब्याज पर टैक्स लगता है (अगर ₹40,000/₹50,000 से ज्यादा हो तो TDS कटता है)।

 

FD ब्याज दरें (FD Interest Rates 2025)

अलग-अलग बैंक अलग-अलग अवधि के लिए अलग ब्याज दरें देते हैं। औसतन:

सामान्य ग्राहक: 5% – 7.5%

सीनियर सिटिजन: 6% – 8%

उदाहरण (2025):

SBI: 5% – 7%

HDFC Bank: 5.5% – 7.25%

ICICI Bank: 5.5% – 7.5%

Post Office FD: 6% – 7.5%

Note : ब्याज दर बदलता रहता है इसलिए FD  कराने से पहले जिस बेंक में आप FD कराना चाहते वहां का ब्याज दर check लिजिए।

FD पर टैक्स (FD Taxation Rules)

FD से अर्जित ब्याज को आपकी आय में जोड़ा जाता है और आपके टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है।

अगर वार्षिक ब्याज ₹40,000 (सीनियर सिटिजन के लिए ₹50,000) से अधिक हो, तो TDS 10% कटता है।

टैक्स बचाने के लिए फॉर्म 15G/15H सबमिट किया जा सकता है।

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FD कैसे खोलें? (Steps to Open FD)

1. बैंक या NBFC का चुनाव करें।

2. राशि और अवधि तय करें।

3. FD फॉर्म भरें (ऑनलाइन/ऑफलाइन)।

4. आवश्यक दस्तावेज (KYC – आधार, पैन, फोटो) जमा करें।

5. राशि जमा करें और FD रिसीट प्राप्त करें।

 

FD में निवेश के टिप्स (FD Investment Tips)

 

अलग-अलग अवधि और बैंक में FD खोलें (Diversification)।

सीनियर सिटिजन FD का लाभ उठाएं।

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टैक्स-सेविंग FD में निवेश करें अगर टैक्स बचाना चाहते हैं।

ब्याज मासिक/तिमाही या मैच्योरिटी पर लेने का विकल्प चुनें।

समय-समय पर ब्याज दरों की तुलना करें।

 

FD और अन्य निवेश विकल्पों की तुलना

 

FD vs RD: FD में एकमुश्त राशि जमा करनी होती है, जबकि RD में मासिक किस्त।

FD vs शेयर मार्केट: शेयर मार्केट में रिस्क ज्यादा है, जबकि FD सुरक्षित है।

FD vs म्यूचुअल फंड: म्यूचुअल फंड में रिटर्न ज्यादा हो सकते हैं, पर रिस्क भी अधिक होता है। FD में फिक्स्ड और सुरक्षित रिटर्न मिलता है।

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निष्कर्ष: क्यों FD चुनें?

FD एक सुरक्षित, भरोसेमंद और आसान निवेश विकल्प है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है, जिन्हें गारंटीड रिटर्न चाहिए और रिस्क लेने की क्षमता कम है। चाहे आप सामान्य ग्राहक हों, सीनियर सिटिजन हों, या टैक्स सेविंग का प्लान बना रहे हों, FD हर किसी के लिए उपयुक्त विकल्प है।

 

 FAQs – FD से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न

Q1: FD पर कितना ब्याज मिलता है?

A: बैंक के अनुसार 5%–7.5% ब्याज मिलता है।

Q2: क्या FD पर टैक्स लगता है?

A: हाँ, ब्याज पर टैक्स लगता है। ₹40,000/₹50,000 से अधिक होने पर TDS कटता है।

Q3: टैक्स सेविंग FD क्या है?

A: 5 साल की लॉक-इन FD जिसमें 80C के तहत ₹1.5 लाख तक टैक्स छूट मिलती है।

Q4: क्या FD तोड़ी जा सकती है?

A: हाँ, लेकिन पेनल्टी लग सकती है।

Q5: क्या FD सीनियर सिटिजन के लिए बेहतर है?

A: हाँ, उन्हें सामान्य से अधिक ब्याज दर मिलती है।

 

FD का Calculation करने के लिए यंहा click FD Calculator

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